खबरों का है यही बाजार

सरकार द्वारा किये गये घोटाले एवं भ्रष्टाचार का सी.ए.जी.रिपार्ट से खुलासा

0 182
                     BL NEWS
           लखनऊ. कुंभ के आयोजन में किया गया ये घोटाला उ.प्र. के इतिहास में सबसे बड़ा घोटाला है। इतना बड़ा घोटाला सरकार ने हो जाने दिया और इसमें लिप्त भ्रष्टाचारियों को ढाई साल का समय भाजपा सरकार द्वारा दिया गया, यदि सही समय से इसपर सरकार ने कार्य किया होता तो कई मंत्री और अधिकारी इस भ्रष्टाचार के चलते जेल चले गये होते।
यह वक्तव्य दीपक सिंह (एम.एल.सी.), नेता कांग्रेस विधान परिषद दल ने उ.प्र. कांग्रेस कमेटी में एक़ प्रेस वार्ता में दिया.
नेता कांग्रेस विधान परिषद दल दीपक सिंह ने इस ओर उ.प्र की भाजपा सरकार का ध्यान आकर्षण सदन में भी किया था परन्तु योगी सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया और भ्रष्टाचारियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया। नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक की ऑडिट रिपोर्ट ने योगी आदित्यनाथ की बीजेपी सरकार के पारदर्शिता के झूठ को पुनः बेनकाब किया है।
सरकार एक तरफ फिजूलखर्ची रोकने और पारदर्शिता के दावे करती रही और दूसरी तरफ जनता के पैसे को भ्रष्टाचार का पलीता लगाया जाता रहा, 2019 में प्रयागराज में आयोजित हुए कुंभ मेले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, उस समय भी कुम्भ में हुए भ्रष्टाचार पर सवाल उठे लेकिन सरकार ने भ्रष्टाचार को धर्म की आड़ के सहारे ढक दिया गया।
लेकिन ऑडिट रिपोर्ट ने सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी, कुंभ मेले के लिए 2743.60 करोड़ रुपए आवंटित हुए जिसमें जमकर भ्रष्टाचार हुआ और पैसे का अपव्यय किया गया।
कुंभ मेले में जिन 32 ट्रैक्टर को खरीदा गया उनके रजिस्ट्रेशन नं. मेल नहीं खाते, वह कार, मोपेड और स्कूटर के नंबर पंजीकृत हैं।
कैग रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अभिलेखों से मेसर्स स्वास्तिक कंस्ट्रक्शन से संबंधित सत्यापन रिपोर्ट में उल्लिखित 32 ट्रैक्टरों की पंजीकरण संख्या के सत्यापन में मिला कि 32 में से चार ट्रैक्टरों के पंजीकरण नंबर एक मोपेड, दो मोटरसाइकिल और एक कार के थे।
कैग रिपोर्ट में विभिन्न विभागों से कुम्भ के लिए आवंटित बजट पर सवाल खड़ा किया है, कुंभ मेला अधिकारी ने अन्य विभागों के बजट खर्चे की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जिससे उस बजट के खर्चे का विवरण ही नहीं मिल सका।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More