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नया सवेरा योजना के लाभार्थियों से मंत्रीश्रम एवं सेवायोजन द्वारा सीधा संवाद

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                    BL  NEWS
लखनऊ. प्रदेश के 20 सर्वाधिक बाल श्रम वाले जनपदों में यूनिसेफ़ व श्रम विभाग द्वारा संचालित नया सवेरा योजना के आच्छादित शहरी एवं ग्रामीण हाट्स्पॉटों के लाभार्थियों से मंत्रीश्रम एवं सेवायोजन द्वारा सीधा संवाद हुआ।
श्रम विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर कार्यस्थलों से अवमुक्त कराकर व शिक्षा की मुख्यधारा में सम्मिलित कराए गए बाल श्रमिक/कामकाजी बच्चों व उनके परिवारों से सीधा संवाद वर्चूअल माध्यम से किया गया। स्वामी प्रसाद मौर्य मंत्रीश्रम एवं सेवायोज़न, उ.प्र., द्वारा नया सवेरा योजना से आच्छादित शहरी एवं ग्रामीण हाट्स्पाट्स में बाल श्रमिक परिवारों के हुए आर्थिक पुनर्वासन के सम्बंध में जानकारी ली एवं कोरोना के दौरान बाल श्रमिकों की पढ़ाई व दैनिक दिनचर्या के सम्बंध में जानकारी ली। जनपद लखनऊ से नया सवेरा की लाभार्थी राजकुमारी, शैलकुमारी, शोभावती, निर्मला शर्मा, मिथलेश जोकि निर्माण श्रमिक है एवं बी.ओ.सी.डब्ल्यू.में पंजीकृत है, को आपदा राहत राशि का प्रोटो चेक एवं सुशीला व सुमित्रा को मृत्यु अंत्येष्टि योजना का चेक प्रदान किया गया।मंत्री ने बच्चों की शिक्षा नियमित रखने पर ज़ोर दिया। उ.प्र.भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पात्र एवं पंजीकृत बाल श्रमिक परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरण किया गया। मोहम्मद मुस्तफ़ा, श्रम आयुक्त उ.प्र., यूनिसेफ़ उ.प्र. से रूथ लियानो, सुरेश चंद्रा अपर मुख्य सचिव, श्रम द्वारा वर्तमान में बाल श्रम की स्थिति, बाल श्रमिक विद्या योजना, आपदा राहत के लाभ वितरण, बाल श्रम उन्मूलन एवं यूनिसेफ़ के सहयोग से चलाइ जा रही नया सवेरा योजना पर चर्चा की।
इस वर्चूअल संवाद में जिले की तकनीकी सलाहकार नया सवेरा से रागिनी सक्सेना, श्रम विभाग के श्रम प्रवर्तक अधिकारी, स्वयं सेवी संगठन, मन फ़ाउंडेशन से सुधा रानी, व ब्रजेश जी, मीडिया के पदाधिकारी, व्यापार संगठन के प्रतिनिधि, वार्ड के पार्षदों, नया सवेरा के प्रेरक मुस्कान, उज़मा, उमरा, ज्योति, हयात, नया सवेरा के अन्य लाभार्थी तरन्नुम, फ़रहीन, रेहाना परवीन एवं सम्बंधित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। श्रम विभाग से अपर श्रम आयुक्त लखनऊ बी के राय द्वारा मंत्री को नया सवेरा की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया, जिसमें बताया गया कि वर्तमान में योजनांतर्गत कुल 43 शहरी हाट्स्पॉट चयनित हैं जिसमें सर्वेक्षण अनुसार 1759 बाल व किशोर श्रमिक को चिन्हित कर शिक्षा विभाग के सहयोग से नज़दीकी प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नामांकित कराया जा चुका है। इन्ही परिवारोंमें से 507 बाल श्रमिक परिवारों को बी.ओ.सी.डब्ल्यू. योजना से भी जोड़कर उनका आर्थिक पुनर्वासन किया जा रहा है।

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