खबरों का है यही बाजार

हमें तृष्णा त्याग कर बुद्ध के सदविचारों का अनुकरण करना चाहिए:सै. मासूम रज़ा

0 93
                      BL  NEWS
लखनऊ. नवाबजादा सैय्यद मासूम रज़ा, एडवोकेट ने बुद्ध पूर्णिमा पर शहरवासियों को हार्दिक बधाई दी है ।
सल्तनत मंजिल, हामिद रोड, निकट सिटी स्टेशन, लखनऊ के रहने वाले नवाबजादा सैयद मासूम रज़ा, एडवोकेट ने कहा कि यह सभी जानते हैं महात्मा बुद्ध दया, त्याग, अहिंसा व परोपकार की प्रतिमूर्ति थे.
बुद्ध ने मध्यम-मार्ग का उपदेश दिया। बुद्ध ने चार आर्य सत्य बताए. जो दु:ख, दु:ख समुदय, दु:ख निरोध और दुख निरोध गामिनी प्रतिपदा हैं ।
नवाबज़ादा मासूम ने कहा कि बुद्ध के अनुसार मानव जीवन दुखो से परिपूर्ण है। प्रथम आर्य सत्य मे बुद्ध ने यह बताया है कि संसार मे सभी वस्तुए दु:खमय है। उन्होने जन्म और मरण के चक्र को दुखो का मूल कारण माना और बताया.दूसरे आर्य सत्य मे बुद्ध ने दुख उत्पन्न होने के अनेक कारण बताए और इन सभी कारणो का मूल तृष्णा को बताया गया।
तीसरे आर्य सत्य के अनुसार दु:ख निरोध के लिए तृष्णा का उन्मूलन आवश्यक है। संसार मे प्रिय लगने वाली वस्तुओ कि इच्छा को त्यागना ही दु:ख निरोध के मार्ग कि ओर ले जाता है।
बुद्ध के अनुसार इन मार्गो का पालन करने से मनुष्य कि तृष्णा खत्म हो जाती है और मनुष्य को निर्वाण प्राप्त हो जाता है। नवाबसाहब ने कहा कि हमें भी तृष्णा त्याग कर बुद्ध के सदविचारों का अनुकरण करना चाहिए.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More