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बेसिक शिक्षा मंत्री के बयान से भड़के शिक्षक नेता,गरमाया शिक्षकों की मौत का मामला

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  कुछ शिक्षक संगठन दे रहे भ्रामक        जानकारी:बेसिक शिक्षा मंत्री

पंचायत निर्वाचन में सिर्फ 3 शिक्षिकों की मौत का बेसिक शिक्षा विभाग का दावा दुर्भाग्यपूर्ण:डॉ. आर पी मिश्र

               BL News

लखनऊ.चुनावी ड्यूटी के दौरान 1621 शिक्षकों की मौत का बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने खंडन किया है. शिक्षा मंत्री के अनुसार कुछ शिक्षक संगठन द्वारा भ्रामक जानकरी दी जा रही है जो पूरी तरह गलत हैं. बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार चुनावी ड्यूटी के दौरान सिर्फ 3 शिक्षकों की मौत हुई है।

शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद शिक्षक संगठनों में रोष व्याप्त हो गया है.
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में संपन्न पंचायत निर्वाचन में मात्र 3 शिक्षकों की मौत का दावा किये जाने पर उ. प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डॉ. आर.पी. मिश्र ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है तथा इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है । बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि शिक्षक के अपने घर से मतदान या मतगणना स्थल तक आने और वहां से वापस जाने के बीच में अगर मृत्यु होती है तो राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुआवजा दिया जाएगा। यह आश्चर्यजनक है क्योंकि निर्वाचन आयोग का सामान्य नियम है जिसमें मतदान या मतगणना स्थल तक आने और जाने में किसी प्रकार की दुर्घटना आदि से मृत्यु होती है तो सभी को मुआवजा मिलता है किंतु इन कोरोना संक्रमण की विशेष परिस्थितियों में शिक्षकों की मौत पर सरकार द्वारा संगठन की मुआवजे एवं अन्य मांगों पर कोई विचार न किया जाना सरकार की संवेदनहीनता दर्शाता है।
संगठन के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डॉ आर.पी. मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर पूर्व एमएलसी, महामंत्री इंद्रासन सिंह एवं कोषाध्यक्ष  सुभाष चंद्र शर्मा, पूर्व एमएलसी ने माननीय मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा एवं अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रदेश के पंचायत निर्वाचन में प्रशिक्षण, मतदान या मतगणना के दौरान संक्रमित हुए शिक्षकों जिनकी बाद में उनकी मृत्यु हो गई, ऐसे शिक्षकों के आश्रितों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिए जाने जैसा कि माननीय उच्च न्यायालय ने भी कहा है, प्रत्येक मृतक के आश्रित को उनकी योग्यता शिथिल करते हुए तत्काल नौकरी दिए जाने, नवीन पेंशन योजना से आच्छादित शिक्षकों के आश्रितों को पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन दिए जाने, उनके एनपीएस खाते में जमा संपूर्ण धनराशि को वापस किए जाने, यदि 60 वर्ष की आयु से कम के किसी शिक्षक की मृत्यु हुई है तो उनके आश्रितों को नियमानुसार ग्रेच्युटी का लाभ दिए जाने, कोरोना से संक्रमित शिक्षकों के इलाज में व्यय हुई धनराशि की प्रतिपूर्ति किए जाने आदि मांगों से युक्त ज्ञापन को प्रेषित कर उन्हें पूरा किए जाने की मांग की गई है।

डॉ मिश्र ने बताया प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा.दिनेश चंद्र शर्मा ने पहले 706 शिक्षकों और बाद में 1621 शिक्षकों की सूची जिसमें प्रशिक्षण, मतदान या मतगणना के दौरान संक्रमित हुए शिक्षक और बाद में उनकी मृत्यु हुई है, सरकार को सौंपी है। माध्यमिक शिक्षक संघ भी ऐसे लगभग 500 शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है जिसे शीघ्र ही शासन को भेजा जा रहा है।
डॉ मिश्र ने जोर देकर कहा की कोरोना संक्रमण से मौत के शिकार हुए शिक्षकों से संबंधित मांगों को पूरा कराने के लिए शिक्षक महासंघ हर संभव प्रयास करेगा और आवश्यक हुआ तो सड़क पर उतर कर भी संघर्ष करेगा।

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