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कार्यशाला में सीखे मूर्तिकला व चित्रकला के गुर

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  1. 18 मार्च से लगेगी प्रदर्शनीलखनऊ.राज्य ललित कला अकादमी, उ.प्र. द्वारा कलारंग कार्यक्रम के अंतर्गत लखनऊ में अवध के रंग ललित के संग विषय पर आयोजित चित्रकला एवं मूर्तिकला कार्यशाला का आयोजन अकादमी परिसर में 8 से 12 मार्च तक किया गया। कार्यशाला में चित्रकला विधा में 60 तथा मूर्तिकला विधा में 58 प्रतिभागियों द्वारा उपस्थित होकर वाॅश एवं मूर्तिकला में कृतियों का सृजन किया। ज्यादातर प्रतिभागियों द्वारा वाॅश चित्रशैली मेें अवध की नृत्य की विभिन्न अदाओं को अपने चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया है तथा मूर्तिकला विधा में अवध की वास्तुशैली को समकालीन कला में परिवर्तित करते हुए कृतियों का सृजन किया गया है। चित्रकला विधा में वाॅश शैली के वरिष्ठ हस्ताक्षर प्रो. राजेन्द्र प्रसाद द्वारा प्रशिक्षार्थियों को वाॅश चित्रकला की बारीकियों से अवगत कराते हुए व्यवहारिक रूप से भी कृति में वाॅश को लगवाकर कृतियों का सृजन करवाया। चित्रकला विधा में वरिष्ठ कलाकार प्रो. कल्पना चैधरी, प्रीति चतुर्वेदी, शरद चैरसिया के साथ टैक्नो, गोयल, डाॅ शकुन्तला मिश्रा, आर्ट्स कालेज, एमिटी वि.वि, कानपुर वि. तथा लखीमपुर खीरी से कला की बारीकियाँ सीखने के लिए कलाकार उपस्थित हुए।
    वरिष्ठ मूर्तिकार अजय प्रजापति से मूर्तिकला में कला की बारीकियों की जानकारी व्यवहारिक रूप से करते हुए कृतियों का सृजन प्रशिक्षार्थियोें द्वारा किया गया। मूर्तिकला में 18 प्रतिभागी उपस्थित हुए। कार्यशाला का समापन अकादमी के अध्यक्ष सीताराम कश्यप के आर्शीवचन से सम्पन्न हुआ। कार्यशाला के संयोजन का दायित्व पुनीत स्वर्णकार द्वारा निभाया गया तथा कार्यशाला के प्रभारी राजेन्द्र मिश्र, वरिष्ठ सहायक, राज्य ललित कला अकादमी रहे। कार्यशाला में सृजित कृतियों की प्रदर्शनी 18 मार्च से अकादमी की वीथिका में आयोजित की जाएगी।

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