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भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग,हिन्दू राष्ट्र घोषित न होने तक हाथ उठाकर लिया गया संघर्ष का संकल्प

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लखनऊ ,10जनवरी, जे सी होटल गेस्ट हाउस निराला नगर लखनऊ में रामराज स्थापना महामंच द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में महामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र मिश्र ने भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि हमें “हमें सत्य अहिंसा करुणा दया प्रेम सहिष्णुता और विश्व बंधुत्व की संस्कृति व संस्कार वाला हिन्दू राष्ट्र चाहिए, खून खराबा, फतवा, जेहाद और आतंकवाद जैसी क्रूरता वाला भारत नहीं।श्री मिश्र ने कहा हिन्दू शब्द की उत्पत्ति करोड़ों वर्षों पूर्व की है। हिन्दू कोई अलग जाति या धर्म नहीं, बल्कि जो हीन भावना से दूर रहे वह हिन्दू है। शैल ग्रंथ का उल्लेख करते हुए श्री मिश्र ने कहा ,”हीनं च दुष्यतेव हिन्दुरित्युच्च ते प्रिये “अर्थात जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करें,कर्मो पर विश्वास करें तथा बुराइयों को दूर रखे वही हिन्दू है।श्री मिश्र ने कहा इसलिए भी भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित होना चाहिए क्योंकि विश्व में भारत की पहचान हिन्दू देश के रूप में है, भारत विश्व का सर्वाधिक हिन्दू जनसंख्या वाला देश है, यहां हिन्दुओं की जनसंख्या का प्रतिशत 79-80 है ।1947में धर्म के आधार पर भारत का विभाजन हुआ, भारत से अलग हुआ देश पाकिस्तान मुस्लिम देश बन गया परन्तु भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं बन सका। विश्व में 57 मुस्लिम देश हैं परन्तु 13 हिन्दू बाहुल्य देश होते हुए एक भी देश हिन्दू राष्ट्र नहीं। वार्ता के पश्चात राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री को सम्बोधित मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया।भगवा रक्षा वाहिनी,सनातन महासभा, अखिल भारतीय राष्ट्र रक्षा वाहिनी,आजाद सेवा संस्थान, भ्रष्टाचार मुक्ति आन्दोलन, भारत रक्षा दल, भारत रक्षा मंच, नारी रक्षा दल, भगवा जाग्रत मंच महाराष्ट्र,विनायक ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, आर्य समाज भारतवर्ष,देव फाउंडेशन, रामानन्द फाउंडेशन,अ भा समग्र विचार मंच,जे सी फाउंडेशन, हिन्दू युवा वाहिनी भारतवर्ष, राष्ट्रीय सशक्त हिन्दू महासंघ, आर्य्यावर्त्त ब्राह्मण महासभा, सहित समर्थन देने वाले25 संगठनों ने हाथ उठाकर भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित न किये जाने तक संघर्ष का संकल्प लिया। मंच से भारतीय पत्रकार परिषद के सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार सैयद रज़ा हुसैन रिजवी, आशीष तिवारी, आशीष शुक्ला,सत्यम त्रिपाठी, आचार्य राज किशोर शास्त्री,अजय मिश्रा भगवाधारी, राजीव आहूजा, रघुबर दयाल श्रीवास्तव, आनन्द महाराज,अजय सिंह,एम एस सोढ़ी,अनन्त कुमार शुक्ला,रामजी पाण्डेय बस्ती,विजय रस्तोगी,अजय सिंह आदि ने मांग के समर्थन में अपने विचार रखे।
प्रेसवार्ता के पश्चा कविसम्मेलन में ओज के युवा राष्ट्रीय कवि प्रख्यात मिश्र ने ” या तो यह तिरंगा लपेट कर घर आऊंगा मां,या यह तिरंगा सीमा-पार मैं लहराऊंगा, पीलीभीत से आते युवा कवि अंकित चतुर्वेदी ने ” एक और आशा करता हूं कश्मीर बसा दो मोदी जी,प्यारे भारत को हिन्दू राष्ट्र बना दो मोदी जी, प्रतापगढ़ से आते कवि अखिल तिवारी ने “जहर हवाओं में मीठा कब तक आखिर घोलेंगे, हम तो वन्देमातरम वन्देमातरम वन्देमातरम बोलेंगे, कवियत्री शशि श्रेया ने “सर्दियों में तुम्हारी याद है कमरबंद जैसी, जुदा करूं तो मेरी जान निकल जाती है, प्रख्यात कवियत्री व्याख्या मिश्रा ने,” उग्रवाद की छाती पर चढ़ सकती है ,और करांची के आगे बढ़ सकती है, सिंहासन में इच्छा शक्ति अगर हो तो , सेना तूफ़ानों से भी लड़ सकती है रचनाएं पढ़कर देशभक्तों में जोश भर दिया,कविसम्मेलन का सफल संचालन करते हुए विकास बौखल ने “आजकल दो-दो सिम वाले मोबाइल, पूरी रात मिस्ड काल मार डालेगी जैसी रचनाओं से श्रोताओं को भरपूर आनन्दित किया। कार्यक्रम में वृहद तहरी भोज का आयोजन हुआ।

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