खबरों का है यही बाजार

नितांत आवश्यकता है बिजली माफिया पर लगाम लगाने की ।

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लरामपुर( डॉक्टर संजय शुक्ला पथिक)—” ना कोई देखने वाला न कोई सुनने वाला है/ यहां घपले ही घपले हैं घोटाला ही घोटाला है” यह शेर बिजली महकमा के ऊपर याद लिखा गया होता तो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बिल्कुल सटीक बैठता। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड अर्थात यूपीपीसीएल आज पूरी तरह से बिजली माफिया के शिकंजे में जकड़ी जा चुकी है। कहने को तो विभाग में एसडीओ होते हैं एशियन होते हैं अधिशासी अभियंता से लेकर जूनियर अभियंता तक होते हैं सभी उप केंद्रों पर यस यस ओ होते हैं लेकिन वास्तव में यह सारे पदाधिकारी केवल नाम मात्र के हैं और अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकते हैं और ना स्वेच्छा से कोई निर्णय ले सकते हैं।

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