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चौरी-चौरा की महागाथा पर आधारित संगीत-रूपक “वंदे मातरम” की प्रस्तुति

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  1.                    BL NEWS
                    लखनऊ। आजादी की 75 वीं वर्षगाँठ के सुअवसर पर आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल द्वारा आरडीएसओ लखनऊ के न्यू प्रेक्षागृह में स्वतंत्रता के संग्राम के सशक्त अध्याय चौरी-चौरा की महागाथा पर आधारित एक संगीत-रूपक “वंदे मातरम” की प्रस्तुति की गई |
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  3. इस कार्यक्रम में महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे ,आशुतोष गंगल बतौर मुख्य अतिथि एवं शिखा गंगल,अध्यक्षा उत्तर रेलवे,महिला कल्याण संगठन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे I
  4. इस प्रस्तुति में नाटक एवं संगीत के माध्यम से कलाकारों द्वारा चौरी-चौरा की कहानी के अत्यंत महत्वपूर्ण पहलुओं को सुन्दरता से पिरोते हुए सम्पूर्ण कथा को अत्यंत रोचक एवं आकर्षक रूप से नाट्य-रूपांतरित करते हुए प्रस्तुत किया गया I कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों के आगमन ,स्वागत एवं अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्ज्वलन से किया गया I मंडल रेल प्रबंधक, सुरेश कुमार सपरा ने समस्त अतिथियों का स्वागत करते हुए आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत संगीत-रूपक की प्रस्तुति के विषय में सभी को अवगत कराते हुए अपने विचार प्रकट किये Iकार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा संगीत-रूपक में भाग लेने वाले समस्त कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए उनको पुरस्कृत किया गया I
  5. इस अवसर पर महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे श्री आशुतोष गंगल ने आज़ादी के अमृत महोत्सव के विषय में अवगत कराते हुए भारत के स्वर्णिम अतीत और इतिहास का उल्लेख किया एवं इस महोत्सव के द्वारा उन स्वर्णिम पलों को याद करते हुए अपने राष्ट्रनायकों एवं उन गौरवशाली क्षणों को स्मरण करने की बात कही I उन्होंने भारत की सभ्यता एवं संस्कृति की अमूल्य धरोहर को सहेजने और संरक्षित रखने की बात कही, साथ ही लखनऊ मंडल के द्वारा आयोजित इस संगीत-रूपक वंदेमातरम् की सफलतम प्रस्तुति के लिए लखनऊ मंडल एवं कलाकारों को बधाई दीं I इस अवसर पर महानिदेशक, इरिटेम, चंद्रलेखा मुखर्जी, विशेष महानिदेशक, आर.डी.एस.ओ. जे.पी. पाण्डेय, मंडल रेल प्रबंधक, सुरेश कुमार सपरा एवं अध्यक्षा, उत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन, लखनऊ नीतू सपरा एवं उपस्थित अन्य अधिकारीगण, यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी,उपस्थित रहे | इस संगीत-रूपक की परिकल्पना,संगीत निर्देशन एवं प्रस्तुति देवेश चतुर्वेदी की एवं शैलेश श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित इस संगीत-रूपक की पटकथा एवं आलेख संजय’रहबर ने लिखा था I

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