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संविधान की मूल आत्मा को नष्ट कर रही है भाजपा सरकार: प्रमोद तिवारी

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                    BL NEWS
                लखनऊ। केन्द्रीय कांगे्रस वर्किंग कमेटी के सदस्य तथा आउट रीच एण्ड को आॅर्डिनेशन कमेटी, उत्तर प्रदेश के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने कहा है कि भारत का लोकतन्त्र संघीय ढांचे पर आधारित है, देश के विभिन्न राज्य, भारत गणराज्य के हिस्सा है । संविधान में केन्द्र और प्रदेश के अधिकारों को परिभाषित किया गया हे, जिसमें गृृह विभाग, प्रदे श की कानून व्यवस्था (लाॅ एण्ड आॅर्डर) पूर्ण रूपेण राज्य का विषय है। परन्तु भारतीय जनता पार्टी सरकार उसी संघीय ढांचे पर, प्रहार पर प्रहार कर रही है और संविधान की मूल आत्मा को नष्ट कर रही है ।
केन्द्र सरकार का यह नया नियम कि ठण्ैण्थ् (सीमा सुरक्षा बल) को यह अधिकार है कि वह सीमा से 50 कि.मी. अन्दर तक गिरफ्तारी, तलाषी और जब्ती कर सकती है । इस 50 किमी. के दायरे में केन्द्र एवं प्रदेष दोनों के अधिकारों पर ‘‘ओवर लैपिंग’’ (एक दूसरे पर टकराव) होगा ।
तिवारी ने कहा है कि यह बहुत ही खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो गयी है,  और यदि कहीं किसी विषय पर मतभेद हुआ, तनातनी हुई,  तब क्या होगा ? क्या अर्द्धसैनिक बल और प्रदेष के पुलिस बल में एक- दूसरे के खिलाफ बल का प्रयोग होगा ? क्या एक- दूसरे पर राइफलें तनेंगी ? यह आजाद भारत का एक खतरनाक, संविधान विरोधी और अत्यंत गैरकानूनी एवं असंवैधानिक कदम होगा । क्या भारतीय जनतापार्टी की मंषा देष को ‘‘गृृह युद्ध’’ की तरफ ढकेलने की है ?  केन्द्र और प्रदेष के बलों में टकराव बहुत दुर्भाग्यषाली क्षण होगा ।
पंजाब और राजस्थान सहित पूर्वोत्तर के तमाम राज्य की सीमायें 50 किमी. के दायरे में लगभग उस प्रदेष के बहुत जगहों पर बराबर होंगे ।
राजनैतिक विद्वैष की भावना से किया गया यह काम कहीं संविधान की मूल भावना की हत्या न कर बैठे ? और केन्द्र तथा प्रदेश के अधिकारों को लेकर कहीं एक नई बहस न शुरू हो जाय, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक होगी, जो किसी भी स्थिति में न तो केन्द्र के और न ही प्रदेश के हित में होगी । पहले भी भारत सरकार कई भूल कर चुकी है । इस कदम से केन्द्र और प्रदेश के बींच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है । कम से कम देश के संवेदनशील राज्यों में तो ऐसी स्थिति न उत्पन्न की जाय जिससे वहां की शांति के लिये खतरा पैदा हो, अन्यथा वहां असंतोष होगा । केन्द्र सरकार को तत्काल इस निर्णय को वापस लेना चाहिए ।

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