खबरों का है यही बाजार

अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही के लिए एलडीए उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन टीम को दिया लक्ष्य

0 65
                      BL NEWS
                लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने सोमवार को प्रवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक की । इस दौरान उन्होंने शहर भर में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश देने के साथ ही अधिकारियों के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किया ।  उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने विहित प्राधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध निर्माणों के ऐसे वाद जिनमें लोगों द्वारा शमन मानचित्र दाखिल किया गया है , उनके प्रकरण प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार निस्तारित किये जाएं । इसके अलावा अवैध निर्माण के जो मुकदमे विहित प्राधिकारी न्यायालय में एक वर्ष या उससे अधिक समय से चल रहे हैं , उनमें तेजी लाते हुए नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाये । वहीं उपाध्यक्ष ने बैठक में उपस्थित समस्त जोन के अधिशासी अभियन्ताओं से अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई कार्यवाही का ब्यौरा तलब किया । इस दौरान पूर्ण सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर जोन -5 के अभियंता के विरुद्ध चेतावनी नोटिस जारी करने के आदेश दिये गये । उपाध्यक्ष ने कहा कि अवैध निर्माण के ऐसे मामले , जिनमें ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किये गये हैं और उनमें कोई न्यायिक विवाद नहीं है , उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्यवाही सुनिश्चित की जाये । उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन के अभियन्ताओं को निर्देशित किया कि प्राधिकरण द्वारा सील किये गये भवनों का समय – समय पर सत्यापन करते रहे । अगर किसी सील भवन में व्यावसायिक गतिविधि जैसे हॉस्पिटल / रेस्टोरेण्ट आदि संचालित होते मिले तो उनके खिलाफ प्राधिकरण स्तर से सख्त कार्यवाही करने के साथ ही सम्बन्धित विभागों को पत्र भेजकर उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही भी सुनिश्चित कराई जाये । उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के लिए अधिकारियों का लक्ष्य भी निर्धारित किया । बैठक में प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार गंगवार विहित प्राधिकारी / विशेष कार्याधिकारी अमित राठौर , डी . के सिंह व रामशंकर तथा समस्त जोन के अधिशासी अभियन्ता समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More