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महन्त नरेन्द्र गिरि मामले की भाकपा ने की उच्च न्यायालय के पैनल से जांच कराने की मांग

महन्त के असमय अन्त पर भाकपा ने गहरा दुख जताया

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                       BL NEWS
         लखनऊ. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव मंडल ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की दुनियां से इस ढंग से विदाई पर गहरा दुख जताया है। इस रहस्यमयी मौत से समस्त संत समाज और हर एक संवेदनशील नागरिक आहत है।
इस घटना पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया ध्यान देने योग्य है। उन्होने कहा कि मुझे विश्वास नहीं होरहा है कि महन्त नरेन्द्र गिरि जी ने खुदकशी की होगी. बचपन से उन्हें जानता था.वे साहस की प्रतिमूर्ति थे. मैंने कल ही सुबह (19सितंबर को) उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया था, उस समय वह बहुत सामान्य थे।
उप मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद इस संगीन मामले को आत्महत्या कह कर टरकाया नहीं जा सकता, भाकपा ने कहा है।
अब तक आर्थिक रूप से जर्जर किसानों, कामगारों, महिलाओं, अबोध बालिकाओ और दलितों की पीड़ाजनक मौतें हो रहीं थीं और भाजपा सरकार उनका नोटिस नहीं ले रही थी। अब अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण महन्त की संदेहास्पद मौत हुई है तो भाजपा के कुशासन की कलई खुल गयी है। समस्त भाजपा और उसकी सरकार हानि की भरपायी में जुट गयी है। यही नहीं वोटों की पिपासा में भाजपा दुर्भाग्यपूर्ण मौतों पर उत्सव की संस्कृति विकसित कर रही है। घटनास्थल पर पहुंच कर मुख्यमंत्री ने मीडिया के समक्ष लम्बा भाषण झाड़ा और सीबीआई जांच जैसे सवालों का जबाव दिये बिना ही चले गये।
भाकपा चाहती है कि इस प्रकरण के हर दोषी को जेल के सींखचों के पीछे पहुंचाया जाये। सरकारी जांच एजेंसियों की अविश्वसनीयता को देखते हुए न्यायपालिका को चाहिये कि वह उच्च न्यायालय के सिटिंग जजों के पैनल से प्रकरण की जांच कराए। पोस्टमार्टम में विलंब भी अनुचित है।
भाकपा ने कहा कि मठों एवं आस्था के अन्य केंद्रों की संपत्तियों को लेकर झगड़े और यहां तक कि कत्लों की वारदातों की खबरें अक्सर मिलती रहती हैं। आस्थावानों की गाड़े पसीने की कमाई से निर्मित संपत्तियों को मठाधीशों द्वारा दोहन के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिये। समय का तकाजा है कि मठों एवं अन्य आस्था केन्द्रों की संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिये “रेगुलेटरी आथॉरिटी” गठित की जानी चाहिए और इन संस्थानों की कार्यप्रणाली पारदर्शी होनी चाहिये।

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